झारखंड की महिलाओं ने रचा इतिहास: 2.5 करोड़ पौधे लगाकर बनाया रिकॉर्ड, अब कार्बन क्रेडिट से होगी कमाई

ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार

माधवपुर (बोड़ाम), पूर्वी सिंहभूम: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने बोड़ाम प्रखंड के माधवपुर में एक बड़े बदलाव का शंखनाद किया है। RPG Group और IMPCA द्वारा आयोजित ‘वृक्षारोपण आधारित सतत आजीविका कार्यक्रम’ में शामिल होते हुए मंत्री ने घोषणा की कि झारखंड की महिलाओं ने राज्य की कुल आबादी के बराबर (ढाई करोड़ से अधिक) पौधे लगाकर एक असाधारण कीर्तिमान स्थापित किया है।

🌳 जल, जंगल और जमीन की रक्षा से सशक्तिकरण

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महिलाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि जहाँ दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, वहीं झारखंड की महिलाओं ने फलदार और औषधीय पौधों के माध्यम से न केवल हरियाली बढ़ाई है, बल्कि अपनी आजीविका को भी सुरक्षित किया है।

प्रमुख बिंदु:

  • रिकॉर्ड तोड़ वृक्षारोपण: महिलाओं ने अपने और अपने परिवार के पुरुषों के हिस्से के भी पेड़ लगाकर राज्य की आबादी के बराबर पौधारोपण किया है।
  • विदेशों तक पहुँचा जमशेदपुर का आम: क्षेत्र की महिलाएँ अब आम के बागान विकसित कर रही हैं और यहाँ के आम विदेशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
  • विविधता: आम के साथ-साथ बाँस, आँवला और घर बनाने वाली लकड़ियों के पेड़ लगाए जा रहे हैं।

💰 कार्बन क्रेडिट: ग्रामीण आय का नया जरिया

मंत्री ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू पर जोर देते हुए कहा कि इन पेड़ों से न केवल फल मिलेंगे, बल्कि कार्बन क्रेडिट के माध्यम से महिलाओं के खातों में अतिरिक्त आय भी आएगी। औद्योगिक गतिविधियों के बदले कंपनियों के लिए कार्बन क्रेडिट अनिवार्य है, जिसका सीधा लाभ अब गाँवों को मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “जहाँ पेड़ हैं, वहाँ पानी है, शुद्ध हवा है और बेहतर स्वास्थ्य की गारंटी है।”

👩‍तातकालिक सहायता: मंईयां सम्मान योजना

राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि:

  1. मंईयां सम्मान योजना: महिलाओं को हर महीने ₹2500 की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है ताकि बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी हो सकें।
  2. सहकारी मॉडल: स्वयं सहायता समूहों (SHG) को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग और पेंसिल जैसे सरकारी सामान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें।

“झारखंड का निर्माण जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ था। आज महिलाएँ उस विरासत को बखूबी आगे बढ़ा रही हैं।” — दीपिका पांडेय सिंह

⚠️ अफवाहों से बचने की अपील

मंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे विपक्षी भ्रम या अफवाहों में न आएँ। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हिमाचल और कर्नाटक की तरह झारखंड में भी यह कल्याणकारी योजनाएं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निरंतर जारी रहेंगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *