राष्ट्रीय युवा दिवस 2026: ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ देश मना रहा है स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती

Hamar Jharkhand News
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National Youth Day 2026 - 3

रिपोर्ट- रीना कुमारी

आज पूरा भारत राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है। यह दिन भारतीय अध्यात्म और ज्ञान को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने वाले युगपुरुष स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है। 2026 में उनकी 163वीं जयंती पर देशभर में युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री का युवाओं को मंत्र: ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’

राष्ट्रीय युवा दिवस के मुख्य कार्यक्रम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में देश-दुनिया के लगभग 3,000 युवा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री युवाओं के साथ संवाद करेंगे और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर उनके सुझाव सुनेंगे।

इस वर्ष की थीम: “सशक्त युवा, विकसित भारत”

साल 2026 के लिए राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम “युवाओं का सशक्तिकरण: विकसित भारत की नींव” (Empowering Youth: Foundation of Developed India) रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वाला बनाना है।

देशभर में आयोजनों की धूम

  • स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं: सुबह से ही शैक्षणिक संस्थानों में निबंध, वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए स्वामी जी के विचारों को याद किया जा रहा है।
  • फिटनेस और योग: ‘स्वस्थ युवा-स्वस्थ भारत’ के संदेश के साथ सामूहिक योग और मैराथन का आयोजन किया गया है।
  • डिजिटल जागरूकता: स्टार्टअप्स और डिजिटल इंडिया के दौर में युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कई कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

स्वामी विवेकानंद का संदेश: जो आज भी है प्रेरणा

स्वामी जी का प्रसिद्ध नारा, “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”, आज भी करोड़ों युवाओं के लिए सफलता का मूल मंत्र बना हुआ है। वे युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे और उनका मानना था कि मजबूत चरित्र और आत्मविश्वास ही देश की प्रगति का आधार है।

“हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है। इसलिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि हम क्या सोचते हैं।” > — स्वामी विवेकानंद

टिप्पणी: राष्ट्रीय युवा दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की उस युवा शक्ति को याद करने का दिन है जिसके कंधों पर कल का स्वर्णिम भारत टिका है।

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