JSSPS: खेल-खेल में मिला परीक्षा तनाव से निपटने का मंत्र

Hamar Jharkhand News
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रांची, झारखंड: झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSSPS) में कैडेट्स के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। अर्पिता महिला मंडल की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “तनाव प्रबंधन एवं परीक्षा तैयारी: खेल-खेल में संवाद” रहा।

मुख्य उद्देश्य: खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन

JSSPS, जो सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) और झारखंड सरकार की एक संयुक्त पहल है, वर्तमान में लगभग 300 बच्चों को खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में निखार रही है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए, प्रशिक्षुओं को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उनमें आत्मविश्वास भरने के लिए यह संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया।

सफलता के मूलमंत्र

कार्यक्रम के दौरान अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह एवं सीसीएल प्रबंधन ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

  • परीक्षा एक चरण है: परीक्षा जीवन का हिस्सा है, अंतिम परिणाम नहीं।
  • समय प्रबंधन: पढ़ाई और खेल के बीच सही संतुलन बनाना।
  • सकारात्मक दृष्टिकोण: तनाव को डर के बजाय आत्मविकास के अवसर के रूप में देखना।
  • स्वस्थ दिनचर्या: नियमित अध्ययन के साथ पर्याप्त आराम और संतुलित आहार।

“खेल के मैदान की तरह परीक्षा में भी तकनीक, धैर्य और सही मानसिक स्थिति ही जीत दिलाती है।”

सक्रिय भागीदारी और उत्साह

इस सत्र में कैडेट्स ने केवल सुना ही नहीं, बल्कि विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपनी शंकाओं और चुनौतियों को साझा किया। कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:

  • श्रीमती रीता मिश्रा एवं श्रीमती रीता तिवारी (उपाध्यक्ष, अर्पिता महिला मंडल)
  • श्री नवीन कुमार झा (सीईओ, जेएसएसपीएस)
  • एलएमसी के सदस्य एवं महिला मंडल की अन्य सदस्याएं।

JSSPS: उपलब्धियों का गवाह

जेएसएसपीएस न केवल प्रशिक्षण देता है, बल्कि देश को चैंपियन भी दे रहा है।

विशेष विवरणजानकारी
प्रशिक्षण विधाएंहॉकी, फुटबॉल, तैराकी, बॉक्सिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, तीरंदाजी सहित 11 खेल।
अंतर्राष्ट्रीय पदक15
राष्ट्रीय पदक262
राज्य स्तरीय पदक1352
कुल लाभार्थीलगभग 300 प्रतिभाशाली बच्चे

निष्कर्ष: इस प्रकार के आयोजनों से न केवल खिलाड़ियों का मानसिक मनोबल बढ़ता है, बल्कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से भी तैयार होते हैं।

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