दावोस, स्विट्जरलैंड: 25 वर्ष का युवा झारखंड अब क्षेत्रीय पहचान से आगे बढ़कर वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 के उद्घाटन समारोह के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के दिग्गज व्यापारिक समूहों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद कर रहा है।
🤝 दिग्गज कंपनियों के साथ रणनीतिक संवाद
बैठक के पहले दिन झारखंड ने अपनी औद्योगिक क्षमता और भविष्य की योजनाओं को दुनिया के सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल ने कई प्रमुख संस्थाओं के साथ गहन चर्चा की:
- टाटा स्टील: भारत के औद्योगीकरण में झारखंड की ऐतिहासिक भूमिका और भविष्य के टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) पर चर्चा।
- हिताची इंडिया: ऊर्जा प्रणालियों, बुनियादी ढांचे के विकास और टेक्नोलॉजी आधारित समाधानों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- टेक महिंद्रा: झारखंड को एक बड़े IT हब के रूप में विकसित करने, डिजिटल नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई।
🌐 वैश्विक साझेदारी और निवेश के नए द्वार
झारखंड ने केवल उद्योगों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि वैश्विक निवेश को सुगम बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय परिषदों के साथ हाथ मिलाया है:
- ब्लूमबर्ग APAC और स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल के साथ बाजार एकीकरण पर चर्चा।
- USISPF (US-India Strategic Partnership Forum) के साथ मिलकर निवेश के नए अवसरों की तलाश।
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ दीर्घकालिक नीतिगत जुड़ाव पर प्रतिबद्धता।
👩हन समावेशी विकास और लैंगिक समानता
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू महिला विकास पर केंद्रित रहा। राज्य ने स्पष्ट किया कि झारखंड के आर्थिक मॉडल में समावेशी नेतृत्व और लैंगिक समानता केवल सामाजिक लक्ष्य नहीं, बल्कि शासन और विकास का अभिन्न हिस्सा हैं।
🚀 विजन 2050: भविष्य के लिए तैयार झारखंड
25 साल का झारखंड अब ‘विजन 2050’ की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। पहले दिन टेक्नोलॉजी पवेलियनों के दौरे से यह साफ हो गया कि राज्य अपनी औद्योगिक प्रगति को आधुनिक नवाचारों और भविष्योन्मुखी समाधानों के साथ जोड़ना चाहता है।
मुख्यमंत्री का संदेश: झारखंड अब केवल संसाधनों का प्रदाता नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक सक्रिय और जिम्मेदार भागीदार है। हमारा लक्ष्य जिम्मेदार निवेश आकर्षित करना और राज्य को भविष्य के लिए तैयार अर्थव्यवस्था बनाना है।
