रांची: मारुति मंगल परिवार के केंद्रीय अध्यक्ष श्री बिक्रम महतो की दादी मां यशोदा देवी का गुरुवार देर रात 11:30 बजे रांची के पिस्का मोड़ स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 105 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
चार पीढ़ियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं यशोदा देवी
स्वर्गीय यशोदा देवी अपने पीछे चार पीढ़ियों का एक सुखी-समृद्ध और विशाल परिवार छोड़ गई हैं। हालांकि, उनके दो पुत्रों—नारायण महतो और अभिलाष महतो का निधन करीब 28-30 वर्ष पूर्व ही हो गया था। वर्तमान में उनके परिवार में:
- पुत्र: श्री गुलाब महतो और श्री शिबल कुमार महतो।
- पोते: श्री बिक्रम महतो, बीजू महतो, संजय, संदीप, राजमोहन और कमल।
- परपोते: राकेश, मन्नत, नीतीश, युवराज और सूर्य नारायण प्रताप। इसके साथ ही वे चार पुत्रवधुएं और दर्जनों नाती-पोतों से भरा परिवार पीछे छोड़ गई हैं।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
यशोदा देवी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक ग्राम तिगरा टिकरा टोली के बिलची हिंदू मुक्ति धाम में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। मुखाग्नि परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई।
अंतिम यात्रा में शामिल हुए कई गणमान्य लोग
उनकी अंतिम यात्रा और संस्कार में राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। उपस्थित होने वालों में प्रमुख रूप से:
- कुशवाहा विजय कुमार मेहता (केंद्रीय अध्यक्ष, जोहार पार्टी)
- कुशवाहा शिवचरण मेहता (अध्यक्ष, महादेव टंगरा विकास समिति)
- कामेश्वर महतो (भाजपा नेता)
- रामानंदन महतो (झामुमो नेता)
- मारुति मंगल परिवार के पदाधिकारी: मुकुंद महतो, सुमेश कुमार महतो, जिला सदस्य मदन कुमार, भोला कोइरी, संजय कुमार, अमरनाथ भोगता, बालकिशोर मुंडा और अन्य।
- अन्य गणमान्य: कामेश्वर बेदिया, निरंजन गोप, जितपाहन प्रजापति, राजेश कुजूर, बसंत टोपवार, पवन कुमार, रिकेश कुमार, संदीप रुद्रा, आशीष प्रजापति, मेजरकन लकड़ा, अनुपम कुमार, सुरेंद्र कुमार महतो, अजय कुमार, जनक और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे।
सैकड़ों ग्रामीणों और स्वजनों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी और ईश्वर से पुण्यात्मा की शांति की प्रार्थना की।
