माण्डर में ‘आजीविका न्याय सलाह केंद्र’ का उद्घाटन: 115 महिला उद्यमियों को मिले 59.72 लाख, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भरी हुंकार

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रांची: झारखंड सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को रांची जिले के माण्डर प्रखंड में माण्डर आजीविका न्याय सलाह केंद्र, एकल सुविधा केंद्र तथा माण्डर आजीविका महिला संकुल संगठन के कार्यालयों का भव्य उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर केंद्रों का शुभारंभ किया।

महिला उद्यमियों को मिला आर्थिक संबल

कार्यक्रम के दौरान OSF (One Stop Facility) परियोजना के तहत सखी मंडल से जुड़ी 115 महिला उद्यमियों को कुल ₹59,72,000 की सामुदायिक उद्यम निधि (CEF) प्रदान की गई। साथ ही, लाभुकों के बीच आजीविका से संबंधित विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया ताकि वे अपने छोटे व्यवसायों को नया विस्तार दे सकें।

“न्याय और आजीविका का बनेगा संगम” – दीपिका पाण्डेय सिंह

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा:

“राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सिर्फ आत्मनिर्भर बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अधिकार-संपन्न बनाना भी है। ये न्याय सलाह केंद्र और एकल सुविधा केंद्र ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित होंगे, जहाँ उन्हें एक ही छत के नीचे न्याय, आजीविका के अवसर और सभी सरकारी सेवाओं की सुलभ पहुँच प्राप्त होगी।”

जेंडर शपथ और सामाजिक जागरूकता

कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों को ‘जेंडर शपथ’ दिलाई गई, जिसका उद्देश्य समाज में लैंगिक समानता लाना और महिलाओं के प्रति सम्मान व जागरूकता बढ़ाना था।

ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं महिलाएँ: शिल्पी नेहा तिर्की

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य का समग्र विकास तभी संभव है जब हमारी ग्रामीण महिलाएँ सशक्त हों। उन्होंने कहा कि महिला केंद्रित योजनाएँ झारखंड के ग्रामीण परिवेश में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं।

उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में माण्डर प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारी, आजीविका मिशन (JSLPS) के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियां और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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