बेड़ो: विनय बगीचा स्थित डीएवी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में मंगलवार को होली मिलन समारोह का आयोजन अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। विद्यालय परिसर रंगों की फुहार और बच्चों की खिलखिलाहट से सराबोर रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
विद्यालय के निदेशक कैलाश कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों और बच्चों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस दौरान स्कूली बच्चों ने होली के पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
निदेशक का संदेश: “केमिकल से बचें, संस्कृति को अपनाएं”
समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक कैलाश कुमार ने सभी को पर्व की बधाई दी और बच्चों को सुरक्षित होली खेलने के टिप्स दिए। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों पर जोर दिया:
- सावधानी जरूरी: उन्होंने बच्चों को केमिकल युक्त रंगों से बचने की सलाह दी, क्योंकि ये त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- मानवीय मूल्य: उन्होंने कहा कि भारतीय त्योहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित कर प्रेम, एकता और सद्भावना को बढ़ाते हैं।
- सांस्कृतिक महत्व: “होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक संस्कृति का प्रमुख अंग है। यह हमें आपसी मतभेद भुलाकर गले लगाने की प्रेरणा देती है।”
- विविधता में एकता: उन्होंने अंत में कहा कि भारत की विविधताओं के बीच ये त्योहार हमें वैचारिक रूप से हमेशा तरोताजा रखते हैं।
“होली आपसी प्रेम और एकता का प्रतीक है। हमें अपनी संस्कृति को आत्मसात करते हुए भाईचारे के साथ इस पर्व को मनाना चाहिए।” — कैलाश कुमार, निदेशक


