रांची: राजधानी के फांसी टोंगरी (पहाड़ी मंदिर) स्थित ऐतिहासिक स्थल पर आगामी 15 मार्च 2026, रविवार को 11वां विशाल झंडा गड़ी सह प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पहाड़ी टोला अखाड़ा में सरना धर्मावलंबियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बनी रणनीति
केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
अजय तिर्की ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया:
- यह आयोजन पिछले 11 वर्षों से फांसी टोंगरी स्थित गाँवा (नाग देवगात) स्थल पर किया जा रहा है।
- यह वही पवित्र स्थान है जहाँ पूर्वज बुधुवा पहान द्वारा सबसे पहले पूजा-अर्चना की शुरुआत की गई थी।
- कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में सरना झंडा बदली की पारंपरिक रस्म और सामूहिक प्रार्थना शामिल होगी।
हजारों श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक
आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। फांसी टोंगरी में स्थापित सरना झंडा और पूर्वज बुधुवा पहान बाबा की स्मृति में हजारों श्रद्धालु एक साथ जलाभिषेक करेंगे।
“मैं सभी सरना धर्मावलंबियों से अपील करता हूँ कि वे अपनी पारंपरिक वेशभूषा में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाएं।” — अजय तिर्की, अध्यक्ष, केन्द्रीय सरना समिति


