रांची (ओरमांझी): लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान और अन्य समस्याओं को लेकर आज ओरमांझी के कुल्ही स्थित अस्टाइलेक्चर अप्रैल प्राइवेट लिमिटेड के श्रमिकों ने कंपनी के मुख्य द्वार पर जोरदार आंदोलन किया। इस प्रदर्शन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो का पूर्ण समर्थन प्राप्त था।
नारेबाजी और पुलिस की दखल
आंदोलन के दौरान श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए स्थानीय ओरमांझी थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामला शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चले हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बाद पुलिस की मौजूदगी में वार्ता शुरू हुई।
5 सूत्री मांगों पर बनी सहमति
जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो और कंपनी के प्रबंधक गौरव सिंह के बीच लंबी बातचीत हुई। अंततः प्रबंधन ने श्रमिकों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए 5 सूत्री मांग पत्र पर सामूहिक रूप से लिखित सहमति जताई।
“मजदूर कंपनी की रीढ़ हैं”: देवेन्द्र नाथ महतो
वार्ता के दौरान देवेन्द्र नाथ महतो ने कड़े शब्दों में कहा कि:
“किसी भी कंपनी की तरक्की उसके मजदूरों के पसीने से होती है। मजदूर कंपनी की रीढ़ होते हैं, उनके न्यायोचित अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मजदूर अधिनियम-1948 के तहत न्यूनतम मजदूरी दर के अनुरूप सभी श्रमिकों को सम्मानजनक भुगतान सुनिश्चित होना ही चाहिए।”
प्रमुख मांगें जिन पर बनी सहमति:
- लंबित वेतन का अविलंब भुगतान।
- न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का सख्ती से पालन।
- कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाओं में सुधार।
- श्रमिकों के शोषण पर रोक।
इस सफल वार्ता के बाद श्रमिकों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। मौके पर भारी संख्या में श्रमिक और मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।


