गोमिया (बोकारो): बीती रात गोमिया के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रफ्तार और अवैध बालू के कारोबार ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। ताज्जुब और दुख की बात यह है कि इन दोनों हादसों के पीछे एक ही ट्रैक्टर शामिल था। बालू के अवैध धंधे और जल्द से जल्द ठिकाने पर पहुंचने की ‘हड़बड़ी’ ने तीन लोगों को असमय मौत की नींद सुला दिया।
पहली घटना: तुलबुल के पास चंद्र किशोर की मौत
पहली घटना गोमिया थाना क्षेत्र के तुलबुल गांव के पास की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अवैध बालू से लदा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में ललपनिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान तुलबुल खिजुरिया टांड़ के समीप ट्रैक्टर की लापरवाही की वजह से चंद्र किशोर प्रसाद की बाइक पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चंद्र किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक रुकने के बजाय ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ाकर मौके से फरार हो गया।
दूसरी घटना: ब्रेकडाउन हुआ ट्रैक्टर और दो अन्य की मौत
पहली घटना को अंजाम देकर भाग रहा वही ट्रैक्टर कुछ ही दूरी पर ललपनिया थाना क्षेत्र में अचानक ब्रेकडाउन होकर बीच सड़क पर रुक गया। पीछे से आ रही एक पल्सर बाइक, जिस पर तुलबुल गांव के दो युवक कृष्ण मुर्मू और उमेस किस्कू सवार थे, अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर की ट्रॉली से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद चालक चतुराई दिखाते हुए बालू लदी ट्रॉली को सड़क पर ही छोड़ ट्रैक्टर का इंजन लेकर भाग निकला।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम
एक ही रात में तीन मौतों से पूरे क्षेत्र में मातम और भारी आक्रोश व्याप्त है। जहां गोमिया पुलिस ने पहली घटना के मृतक चंद्र किशोर का शव कब्जे में ले लिया है, वहीं ललपनिया में घटी दूसरी घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मृतक कृष्ण और उमेस के परिजनों ने मुआवजे और अवैध बालू कारोबार पर लगाम लगाने की मांग को लेकर शव उठाने से मना कर दिया है।
वर्तमान में ललपनिया-गोमिया पथ पूरी तरह जाम है। ग्रामीण सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने और जाम हटाने की कोशिश में जुटा है।


