रांची: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), रांची ने एक बार फिर तकनीकी नवाचार और रचनात्मकता के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। संस्थान द्वारा आयोजित प्रमुख टेक्नो-कल्चरल रोबोटिक्स फेस्ट ‘यंत्र’26’ (YANTRA’26) का सफल समापन संस्थान के परिसर (BSNL ग्राउंड एवं खेलगांव) में हुआ। इस दो दिवसीय महाकुंभ में तकनीक, रोमांच और संस्कृति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा इंजीनियरों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नवाचार और कौशल का महासंगम
‘यंत्र’26’ का मुख्य उद्देश्य रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देना था। इस फेस्ट ने न केवल विद्यार्थियों को अपनी कोडिंग और इंजीनियरिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करने का मौका दिया, बल्कि उन्हें व्यावहारिक समस्या-समाधान की चुनौतियों से भी रूबरू कराया। आयोजन में 50 से अधिक टीमों ने भाग लिया, जो ओडिशा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के प्रतिष्ठित संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।
रोमांचक प्रतियोगिताएं और परिणाम
फेस्ट के दौरान आयोजित रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं ने दर्शकों और निर्णायकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। मुख्य प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
- डेजर्ट डैश: ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर रोबोट्स की रफ्तार की इस जंग में ट्रिपल आईटी रांची की टीम ‘क्रू अल्फा’ ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹7,500 का नकद पुरस्कार जीता। वहीं, संस्थान की ही टीम ‘बिहारी बहुरानी’ उपविजेता रही।
- रोबोसॉकर: फुटबॉल के मैदान पर रोबोट्स के बीच हुए मुकाबले में कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज (बिहार) की टीम ‘टेक्नो टाइटन्स’ विजेता बनी, जबकि आंध्र प्रदेश की ‘लेंडी इंस्टीट्यूट’ की टीम ‘रोबो टॉर्क’ दूसरे स्थान पर रही।
- विंगफ्यूरी: ड्रोन और फ्लाइंग रोबोट्स की इस स्पर्धा में बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (गोरखपुर) की टीम ‘द फ्लाइंग प्रिडेटर’ ने बाजी मारी। ट्रिपल आईटी रांची की टीम ‘प्लूटो’ उपविजेता रही।
- पाथफाइंडर: जटिल बाधाओं को पार करने की इस प्रतियोगिता में ट्रिपल आईटी रांची की टीम ‘प्लूटो’ विजेता और ‘वेचार’ उपविजेता घोषित की गई।
दिग्गज संस्थानों की रही भागीदारी
इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें बीआईटी मेसरा (रांची), सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड, गांधी इंस्टीट्यूट (ओडिशा), गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक (लखनऊ) और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मध्य प्रदेश) जैसे संस्थानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
निदेशक का संबोधन: “नवाचार ही भविष्य है”
कार्यक्रम में ट्रिपल आईटी रांची के माननीय निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित थे। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा:
“यंत्र’26 जैसे मंच युवा इंजीनियरों में रचनात्मकता और व्यावहारिक सीख के विकास के लिए अनिवार्य हैं। ट्रिपल आईटी रांची भविष्य में भी तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजनों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
सफलता के सूत्रधार
इस सफल आयोजन के पीछे एक मजबूत मार्गदर्शक टीम का हाथ रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रोशन सिंह (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह (संयोजक), डॉ. अभिनव कुमार और डॉ. धीरन कुमार महतो के कुशल नेतृत्व में किया गया।
तकनीक के साथ संस्कृति का तड़का
रोबोटिक्स के शोर के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। विद्यार्थियों ने संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे यह फेस्ट केवल एक तकनीकी प्रतियोगिता न रहकर एक ‘टेक्नो-कल्चरल’ उत्सव बन गया।
निष्कर्ष: ‘यंत्र’26’ की शानदार सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड अब तकनीकी शिक्षा और रोबोटिक्स के क्षेत्र में देश का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। इस आयोजन ने न केवल ट्रिपल आईटी रांची की पहचान मजबूत की है, बल्कि राज्य के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा की एक नई किरण जगाई है।


