चंदवा (लातेहार)। शनिवार की सुबह चंदवा प्रखंड मुख्यालय का सबसे व्यस्त इलाका, इंदिरा गांधी चौक, एक बड़े हादसे का गवाह बना। बालूमाथ की ओर से तीव्र गति से आ रहा कोयला लदा एक हाईवा (डंपर) अचानक अनियंत्रित हो गया। अनियंत्रित वाहन ने पहले सड़क पर चल रहे एक ट्रक को जोरदार टक्कर मारी और फिर सीधे ‘एसके सुपर मार्ट’ नामक दुकान का शटर तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। इस भीषण दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह पूरी घटना दुकान के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक था। यदि सुबह का समय नहीं होता और चौक पर आम दिनों की तरह भारी भीड़ होती, तो जान-माल का एक बड़ा नुकसान हो सकता था।
कैसे हुआ हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
स्थानीय दुकानदारों और चश्मदीदों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच बालूमाथ दिशा से कोयला लादकर एक हाईवा बेहद तेज गति से चंदवा की ओर आ रहा था। इंदिरा गांधी चौक के समीप पहुंचते ही चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया।
- पहली टक्कर: अनियंत्रित हाईवा ने सबसे पहले वहां से गुजर रहे एक अन्य ट्रक को अपनी चपेट में लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह ट्रक पलटते-पलटते बचा।
- दुकान में एंट्री: ट्रक से टकराने के बाद भी हाईवा की रफ्तार कम नहीं हुई और वह सीधे ‘एसके सुपर मार्ट’ के मुख्य शटर को उखाड़ते हुए दुकान के अंदरूनी हिस्से में जा घुसा।
- मची अफरा-तफरी: जोरदार आवाज के साथ हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुकान के बाहर डिस्प्ले के लिए रखी भारी मात्रा में सामग्रियां और काउंटर सड़क पर बिखर गए।
चश्मदीद का बयान: “हम लोग अपनी दुकानों की सफाई कर रहे थे, तभी एक तेज आवाज सुनाई दी। हमने देखा कि एक हाईवा लहराते हुए आ रहा है। वहां मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत भागकर अपनी जान बचाई, वरना कई लोग इसकी चपेट में आ जाते।”
तीन लोग घायल, मलबे में दबने से बचीं कइयों की जानें
इस मार्ग दुर्घटना में कुल तीन लोगों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। घायलों में राहगीर और दुकान के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए मलबे और वाहन के बीच फंसे लोगों को बाहर निकाला।
सूचना मिलते ही चंदवा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), चंदवा भिजवाया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। दो लोगों की स्थिति स्थिर है, जबकि एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल या रिम्स (RIMS) रांची रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगा ‘महाजाम’, रेंगते रहे वाहन
इंदिरा गांधी चौक चंदवा का एक प्रमुख जंक्शन (चौराहा) है, जो कई महत्वपूर्ण जिलों और रूटों को आपस में जोड़ता है। इस हादसे के बाद चौराहे के बीचों-बीच वाहनों के फंसने और दुकान का मलबा सड़क पर आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
हादसे के कारण निम्नलिखित मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं:
- राष्ट्रीय राजमार्ग 75 (NH-75): रांची-मेदिनीनगर मार्ग पूरी तरह ब्लॉक हो गया।
- राष्ट्रीय राजमार्ग 99 (NH-99): चतरा-हजारीबाग की ओर जाने वाले वाहनों के पहिए थम गए।
- चंदवा—मैक्लुस्कीगंज मार्ग: इस क्षेत्रीय संपर्क मार्ग पर भी किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जाम के कारण यात्री बसें, एम्बुलेंस, स्कूली वाहन और ट्रकों की लंबी कतारें सड़क के दोनों ओर जमा हो गईं। दफ्तर जाने वाले लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्रेन की मदद से 4 घंटे की मशक्कत के बाद हटा वाहन
सड़क से कोयला लदे भारी-भरकम हाईवा को हटाना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। सामान्य गाड़ियों से इसे खींचना असंभव था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की आपात टीम ने तत्काल बड़ी हाइड्रोलिक क्रेन को मौके पर बुलवाया।
- चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू: हाईवा दुकान के पिलर और मलबे में इस कदर फंस चुका था कि उसे निकालने के दौरान दुकान के और अधिक ढहने का खतरा बना हुआ था।
- 4 घंटे का समय लगा: क्रेन की मदद से सुबह करीब 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जो दोपहर तक चला। लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवा को दुकान से बाहर निकाला जा सका और मलबे को साफ किया गया।
- यातायात बहाल: दोपहर बाद पुलिस ने सूझबूझ से दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही को धीरे-धीरे बहाल कराया। हालांकि, जाम पूरी तरह से साफ होने में शाम तक का समय लग गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच शुरू
घटना के बाद चंदवा थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों (हाईवा और ट्रक) को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है।
पुलिस फिलहाल दो बिंदुओं पर मुख्य रूप से जांच कर रही है:
- तकनीकी खराबी (ब्रेक फेल): क्या हाईवा का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके कारण चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका?
- चालक की लापरवाही: क्या चालक नशे में था या उसे झपकी आ गई थी? हादसे के बाद से ही हाईवा का चालक और खलासी मौके से फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
स्थानीय निवासियों में आक्रोश: ‘नो-एंट्री’ और गति सीमा तय करने की मांग
इस हादसे ने एक बार फिर चंदवा के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है: “इंदिरा गांधी चौक हमेशा व्यस्त रहता है। यहाँ से कोयला लदे सैकड़ों हाईवा चौबीसों घंटे तेज गति से गुजरते हैं। प्रशासन को रिहायशी इलाकों में इन भारी वाहनों की गति सीमा (Speed Limit) तय करनी चाहिए और व्यस्त समय में ‘नो-एंट्री’ कड़ाई से लागू करनी चाहिए। आज तो गनीमत थी कि दुकान के अंदर ज्यादा ग्राहक नहीं थे, वरना दर्जनों जानें जा सकती थीं।”
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पीड़ित दुकानदार को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि दुकान के ढांचे और अंदर रखे लाखों रुपये के सामान का भारी नुकसान हुआ है। साथ ही, चौक पर यातायात पुलिस की स्थायी तैनाती की मांग भी दोहराई गई है ताकि वाहनों की गति पर अंकुश लगाया जा सके।


