रिपोर्ट: शशिकांत, बोकारो
बोकारो: झारखंड के बोकारो पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारत सरकार के ‘प्रतिबिंब’ ऐप से मिली सटीक सूचना के आधार पर, एसपी हरविंदर सिंह द्वारा गठित टीम ने चास थाना क्षेत्र के वैष्णवी कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर 6 साइबर ठगों को धर दबोचा।
बिहार का ‘प्रिंस’ निकला मास्टरमाइंड
गिरफ्तार अपराधियों में गिरोह का सरगना प्रिंस कुमार शामिल है, जो बिहार के शेखपुरा का रहने वाला है। प्रिंस के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में पहले से ही 4 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके साथ निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- मिथिलेश कुमार झा (जमशेदपुर)
- रोहित आर्य (शेखपुरा, बिहार)
- टिंकू कुमार (नवादा, बिहार)
- विकास रविदास (नवादा, बिहार)
- गुड्डू कुमार (नालंदा, बिहार)
लोन और म्यूचुअल फंड के नाम पर करते थे ठगी
एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। ये अपराधी सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर इकट्ठा करते थे और फिर उन्हें:
- आसान किस्तों पर लोन दिलाने का झांसा देते थे।
- म्यूचुअल फंड में निवेश कर पैसे दोगुने करने का लालच देते थे।
भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं:
- 13 मोबाइल फोन (एंड्रॉयड और कीपैड)
- ₹20,000 नकद
- विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड
- सभी अपराधियों के आधार कार्ड
- HDFC बैंक की पासबुक
- ठगी के पैसों का हिसाब-किताब रखने वाली रजिस्टर (पंजी)
बैंक कर्मियों की भूमिका की भी होगी जांच
एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इस पूरे सिंडिकेट में बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी संभावना है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब इन अपराधियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
