कोडरमा: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन सभागार में ‘गैर संचारी रोग कोषांग’ द्वारा एक विशेष कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कैंसर की रोकथाम और समय पर पहचान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कैंसर: सिर्फ बीमारी नहीं, एक सामाजिक चुनौती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रमण कुमार ने कहा कि कैंसर वर्तमान में दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने जोर देकर कहा:
- प्रारंभिक पहचान: सही समय पर बीमारी का पता चलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
- जागरूकता: विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य केवल बीमारी के बारे में बताना नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक चुनौतियों से लड़ने के लिए समाज को तैयार करना है।
- समान पहुंच: कैंसर पीड़ितों को बेहतर इलाज और समाज की सहानुभूति की समान रूप से आवश्यकता है।
40% कैंसर के मामलों में कमी संभव
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने जीवनशैली में सुधार पर जोर देते हुए बताया कि:
“भारत में कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू और अल्कोहल का सेवन है। यदि लोग इन बुरी आदतों को छोड़ दें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, तो कैंसर के मामलों में 40% तक की कमी लाई जा सकती है।”
उन्होंने कहा कि कैंसर से डरने के बजाय नियमित जांच और चिकित्सक से परामर्श लेना ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।
सदर अस्पताल में उपलब्ध हैं सुविधाएं
कार्यशाला के दौरान सदर अस्पताल में कैंसर की स्क्रीनिंग और उपचार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई:
- ओरल कैंसर स्क्रीनिंग: दंत चिकित्सक डॉ. नीलमणि कुमार और डॉ. प्रियाश्री द्वारा ओरल कैंसर की जांच की गई।
- विशेषज्ञ सेवा: वर्तमान में सदर अस्पताल में प्रत्येक मंगलवार को कैंसर विशेषज्ञ डॉ. प्रवीर सिंह मुण्डा अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस अवसर पर कैंसर से संबंधित पोस्टर प्रदर्शित कर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में जिला व प्रखंड स्तर के प्रबंधन इकाई के कर्मी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO) और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
