शिकारीपाड़ा/दुमका: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पार्षद के निर्देशानुसार, शिकारीपाड़ा प्रखंड के सालबोना में ‘ज्योति कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा पत्थर खदान के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) हेतु एक लोक सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस सुनवाई का मुख्य उद्देश्य परियोजना से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों पर स्थानीय जनता की राय जानना और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना था।
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी मौजूद रहे:
- एलआरडीसी (LRDC), दुमका
- अंचलाधिकारी (CO), कपिल देव ठाकुर
- पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
ग्रामीणों ने उठाईं बुनियादी सुविधाएं और शिक्षा की मांग
सुनवाई के दौरान सालबोना और आसपास के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को खुलकर अधिकारियों के सामने रखा। ग्रामीणों की मुख्य मांगें और शिकायतें निम्नलिखित थीं:
- पेयजल की किल्लत: ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें गंदे नाले का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने जल्द से जल्द बोरिंग कराने की मांग की।
- जर्जर रास्ते: गांव के बाहर की सड़कों को दुरुस्त करने की अपील की गई।
- शिक्षा की बदहाली: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्कूल में पठन-पाठन ठीक से नहीं होता और शिक्षक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन निर्माण की भी मांग रखी।
- आवास और कल्याण: कई पात्र ग्रामीणों ने अब तक सरकारी आवास नहीं मिलने की शिकायत की।
कंपनी और प्रशासन का आश्वासन
ग्रामीणों की बातों को सुनने के बाद ज्योति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर ने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत भरोसा दिलाया कि:
- गांव में पेयजल हेतु बोरिंग कराई जाएगी।
- खराब रास्तों पर डस्ट डालकर उन्हें चलने लायक बनाया जाएगा।
- बच्चों के नामांकन में मदद और गांव में निजी शिक्षक (Private Teacher) की व्यवस्था की जाएगी।
अंचलाधिकारी ने ‘जनता दरबार’ में आने का दिया न्योता
अंचलाधिकारी कपिल देव ठाकुर ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रखंड कार्यालय आएं। उन्होंने घोषणा की:
“प्रखंड परिसर में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को जनता दरबार लगता है। ग्रामीण अपनी समस्याओं के साथ वहां पहुंचें। विशेषकर जिनका पेंशन अभी तक शुरू नहीं हुआ है, वे आवेदन लेकर आएं, उनकी पेंशन की स्वीकृति तुरंत दी जाएगी।”
