चतरा/ जिले में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए सदर अस्पताल, चतरा में झारखंड राज्य के पहले मदर स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एम. एस.एन.सी.यू) मॉडल का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अभिनव इकाई इमीडिएट कंगारू मदर केयर (i-KMC) को व्यवहार में उतारते हुए ज़ीरो सेपरेशन नीति के अनुरूप माँ और नवजात को साथ रखकर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराती है।
इस अवसर पर माननीय सांसद, चतरा लोकसभा क्षेत्र श्री कालीचरण सिंह, माननीय विधायक, सिमरिया विधानसभा क्षेत्र श्री कुमार उज्ज्वल, माननीय विधायक, चतरा श्री जनार्दन पासवान, उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री जी, जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती ममता कुमारी एवं उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर यूनिट का शुभारंभ किया गया।
सदर अस्पताल, चतरा में विकसित यह एम. एस.एन.सी.यू मॉडल, मदर–न्यूबोर्न केयर को एकीकृत रूप में सुदृढ़ करता है। इस यूनिट के अंतर्गत विशेष रूप से समय से पहले जन्मे अथवा 1800 ग्राम से कम वजन वाले नवजात शिशुओं को उनकी माताओं के साथ ही रखकर उपचार एवं निरंतर निगरानी की व्यवस्था की गई है। इससे शिशुओं का तापमान संतुलन, संक्रमण से सुरक्षा, बेहतर पोषण एवं तेज़ वजन वृद्धि सुनिश्चित होती है।
उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री जी ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल जिले में नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी, एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग को बढ़ावा तथा माँ-शिशु के भावनात्मक जुड़ाव को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर उन्नत नवजात सेवाओं की उपलब्धता से अब केवल अत्यंत गंभीर मामलों में ही उच्च संस्थानों को रेफरल की आवश्यकता पड़ेगी।
सदर अस्पताल, चतरा स्थित इस एम. एस.एन.सी.यू में 11 माँ-शिशु बेड की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ प्रशिक्षित चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की संयुक्त देखरेख में एक ही कक्ष में माँ और शिशु की देखभाल की जाएगी। माताओं को अस्पताल में रहते हुए नवजात देखभाल, स्तनपान एवं एक्सप्रेस्ड ब्रेस्ट मिल्क से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, जिससे डिस्चार्ज के बाद घरेलू देखभाल और अधिक प्रभावी हो सके।
जिले में इस यूनिट का शुभारंभ चतरा के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों की माताओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में सहायक होगी, बल्कि आने वाले समय में झारखंड के अन्य जिलों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
उक्त मौके पर सिविल सर्जन चतरा डॉक्टर जगदीश प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम,सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर पंकज कुमार समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
