कश्मीर की कली और झारखंड के पलाश का मिलन: कश्मीरी युवाओं ने किया झारखंड विधानसभा का भ्रमण

Hamar Jharkhand News
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मेरा युवा भारत, कार्यक्रम के तहत कश्मीरी युवाओं के ज्ञान, सांस्कृतिक समृद्धि और विचार-विमर्श के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन देने के लिए

राँची: ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) कार्यक्रम के तहत कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और युवाओं के जोश का संगम आज झारखंड की राजधानी राँची में देखने को मिला। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत कश्मीर से आए 132 सदस्यीय दल ने आज झारखंड विधानसभा का भ्रमण किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

झारखंड विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री रबींद्रनाथ महतो ने कश्मीरी युवाओं के इस दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सराहना की।

संबोधन की मुख्य बातें:

  • समानता का संदेश: माननीय अध्यक्ष ने कहा कि “जिस प्रकार कश्मीर अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्व विख्यात है, उसी प्रकार झारखंड अपने पठारों, घने वनों और प्राकृतिक छटा के लिए जाना जाता है।”
  • सांस्कृतिक विनिमय: उन्होंने युवाओं को झारखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से अवगत कराया।
  • ज्ञान भ्रमण का सुझाव: अध्यक्ष महोदय ने आयोजकों को सुझाव दिया कि युवाओं को झारखंड की खनिज संपदा से परिचित कराने के लिए यहाँ के खनन क्षेत्रों का भी भ्रमण कराया जाए।

कश्मीर के 6 जिलों का प्रतिनिधित्व

इस विशेष दल में कश्मीर घाटी के छह प्रमुख जिलों— अनंतनाग, कुपवाड़ा, बारामुल्ला, बडगाम, श्रीनगर और पुलवामा के युवा शामिल हैं।

  • प्रत्येक जिले से 20 प्रतिभागी और 2 टीम लीडर शामिल हैं।
  • दल में पुरुषों और महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
  • कुल 120 प्रतिभागी और 12 टीम लीडर इस शैक्षणिक व सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा हैं।

YBN यूनिवर्सिटी में चल रहा है मुख्य कार्यक्रम

बता दें कि यह पूरा कार्यक्रम राँची के YBN University, नामकुम में दिनांक 09 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। आज के भ्रमण के दौरान झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव श्री रंजीत कुमार, YBN यूनिवर्सिटी की टीम और जिला युवा अधिकारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

निष्कर्ष: इस तरह के आयोजनों से न केवल ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना साकार हो रही है, बल्कि विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक सेतु भी मजबूत हो रहा है।

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