पारस एचईसी हॉस्पिटल में कैंसर सर्वाइवर्स मीट में 50 योद्धाओं को किया गया सम्मानित
रांची: कैंसर के खिलाफ जंग जीत चुके योद्धाओं के सम्मान में पारस एचईसी हॉस्पिटल ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस गरिमामयी समारोह में करीब 50 कैंसर सर्वाइवर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और वर्तमान में इलाज करा रहे मरीजों का मनोबल बढ़ाना था।
“अब दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं”
समारोह में पहुंचे सर्वाइवर्स ने अपने संघर्ष और जीत के अनुभव साझा किए। मरीजों का कहना था कि:
- जो विशेषज्ञ इलाज पहले केवल दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों में उपलब्ध था, वह अब रांची में ही सुलभ है।
- अस्पताल का वातावरण ‘पेशेंट-फ्रेंडली’ है और इलाज का खर्च भी बड़े शहरों के मुकाबले किफायती है।
विशेषज्ञों की राय: तकनीक और समय पर जांच है कुंजी
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने कैंसर के आधुनिक उपचार पर अपने विचार साझा किए:
| डॉक्टर का नाम | विभाग | मुख्य संदेश |
| डॉ. गुंजेश कुमार सिंह | मेडिकल ऑन्कोलॉजी | कैंसर अब लाइलाज नहीं; सही समय पर जांच से सामान्य जीवन संभव है। |
| डॉ. मदन प्रसाद गुप्ता | हेड एंड नेक सर्जरी | मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच और समय पर सर्जरी से बेहतर परिणाम मिलते हैं। |
| डॉ. अभिनव शेखर | सर्जिकल ऑन्कोलॉजी | तकनीक और अनुभव के मेल से अब जटिल सर्जरी भी स्थानीय स्तर पर सफल हैं। |
| डॉ. निशांत भारद्वाज | रेडिएशन ऑन्कोलॉजी | आधुनिक रेडिएशन से साइड इफेक्ट्स कम हुए हैं और रिकवरी तेज हुई है। |
‘एक ही छत के नीचे संपूर्ण समाधान’
पारस हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने अस्पताल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य झारखंड के मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं यहीं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए राज्य से बाहर भटकना न पड़े। अत्याधुनिक तकनीक और समर्पित टीम के साथ पारस कैंसर केयर एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
