रांची | 26 जनवरी, 2026 सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने 77वां गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी क्रीड़ांगण, गांधीनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया। समारोह में निदेशक मंडल, सीवीओ, श्रमिक प्रतिनिधि और भारी संख्या में कर्मचारी व उनके परिजन उपस्थित रहे।

ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है सीसीएल
अपने संबोधन में सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने कहा कि कोयला देश के औद्योगिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में सीसीएल ने उत्पादन और प्रेषण में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
खनन क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां:
- कोत्रे-बसंतपुर-पचमो परियोजना: नवंबर 2025 से उत्पादन शुरू।
- चंद्रगुप्त ओपन कास्ट: 15 मिलियन टन क्षमता वाली यह परियोजना उत्पादन के लिए तैयार।
- राजहरा ओपन कास्ट: इसी माह से कोयला उत्पादन प्रारंभ।
- पिपरवार फेज-1: अंडरग्राउंड परियोजना के लिए इन्क्लाइन ड्राइवेज का कार्य शुरू।
पर्यावरण संरक्षण: नेट-ज़ीरो की ओर बढ़ते कदम
सीएमडी ने जोर दिया कि सीसीएल ‘सस्टेनेबल माइनिंग’ पर केंद्रित है। पर्यावरण को बचाने के लिए कंपनी ने अब तक 1.10 करोड़ पौधे लगाए हैं।
- सौर ऊर्जा: नेट-ज़ीरो लक्ष्य के तहत सीसीएल 425 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाएगा। वर्तमान में पिपरवार का 20 मेगावाट प्लांट हर महीने करीब 1.10 करोड़ रुपये की बचत कर रहा है।
- प्रदूषण नियंत्रण: हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फॉग कैनन, मोबाइल वाटर टैंकर और 26 किमी लंबे विंड बैरियर का जाल बिछाया गया है।
सामाजिक सरोकार: ‘नन्हा सा दिल’ से मिल रही नई जिंदगी
सीसीएल केवल कोयला उत्खनन ही नहीं, बल्कि समाज सेवा में भी अग्रणी है।
- CSR खर्च: वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।
- स्वास्थ्य: “नन्हा सा दिल” योजना के तहत 28 हजार बच्चों की जांच और 75 बच्चों की सफल हार्ट सर्जरी कराई गई।
“गणतंत्र दिवस हमारे संविधान की गरिमा और लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम उद्योग के साथ-साथ समाज के आर्थिक उत्थान के लिए भी समर्पित हैं।” — श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (मानव संसाधन)
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
समारोह के दौरान डीएवी गांधीनगर, ज्ञानोदय और केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सुरक्षा गार्डों और परेड प्रतिभागियों को सीएमडी व अन्य निदेशकों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शांति के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में उड़ाकर की गई।
