रांची प्रेस क्लब में ‘विशिष्ट संवाद’ शृंखला का आगाज; हिमाचल के राज्यपाल ने ‘राजनीति और मीडिया’ विषय पर साझा किए विचार।
रांची, 12 जनवरी: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला ने सोमवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित एक गरिमामय संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। “राजनीति और मीडिया” विषय पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीति और मीडिया एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों का ही अंतिम लक्ष्य राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्धता होना चाहिए।
🔹 लोकतंत्र के स्तंभों के बीच तालमेल जरूरी
राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि जहाँ राजनीति शासन की दिशा तय करती है, वहीं मीडिया उन निर्णयों को जनता तक पहुँचाने का सेतु है। उन्होंने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा:
- राजनीति की हर गतिविधि पर मीडिया की पैनी नजर रहनी चाहिए।
- जब राजनीति अपनी दिशा से भटके, तो मीडिया को उस पर अंकुश लगाने का कार्य करना चाहिए।
- यही कारण है कि मीडिया को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण चतुर्थ स्तंभ माना गया है।
🔹 वैचारिक बंटवारे और गिरती गुणवत्ता पर चिंता
राज्यपाल ने वर्तमान पत्रकारिता के दौर पर कुछ गंभीर सवाल भी उठाए:
- विचारधारा का प्रभाव: आज मीडिया भी राजनीति की तरह अलग-अलग विचारधाराओं में बंट रहा है, जो लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है।
- तथ्यपरक आलोचना: आलोचना संतुलित और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। सनसनी फैलाने के लिए किसी के चरित्र पर प्रहार करना गलत है।
- व्यावसायिक दबाव: पत्रकारिता अब मूलतः एक ‘नौकरी’ बनकर रह गई है। विज्ञापनों के दबाव के कारण पत्रकारों को राजनेताओं और नौकरशाही से तालमेल बिठाना पड़ता है, जिससे खबरों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
“हमारी निजी विचारधारा से बड़ा राष्ट्र और समाज है। पारदर्शिता और संवाद से ही सुदृढ़ समाज का निर्माण संभव है।” — शिवप्रताप शुक्ला, राज्यपाल (हिमाचल प्रदेश)
🎤 प्रमुख वक्ताओं के विचार
- पद्मश्री बलबीर दत्त (वरिष्ठ पत्रकार): बाजारवाद के बढ़ते दबाव ने मीडिया के मूल उद्देश्य को प्रभावित किया है, जिससे पत्रकारिता की आत्मा को ठेस पहुँच रही है।
- बैजनाथ मिश्र (वरिष्ठ पत्रकार): उन्होंने भारतीय पत्रकारिता के 250 वर्षों के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- शंभु नाथ चौधरी (अध्यक्ष, रांची प्रेस क्लब): इस संवाद शृंखला का उद्देश्य राजनीति, प्रशासन और मीडिया के बीच निष्पक्ष वैचारिक विमर्श को बढ़ावा देना है।
📋 कार्यक्रम की रूपरेखा
कार्यक्रम का संचालन और स्वागत भाषण सचिव अभिषेक सिन्हा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष बिपिन उपाध्याय द्वारा दिया गया। इस अवसर पर रांची के कई वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी और प्रेस क्लब के कार्यकारिणी सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
