जल-जंगल-जमीन की रक्षा का संकल्प: PWD चौक पर सांसद मनीष जायसवाल ने वीर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि
हजारीबाग: मंगलवार को हूल दिवस के पावन अवसर पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल हूल क्रांति की याद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में वे कई गणमान्य लोगों और भारी संख्या में उपस्थित आदिवासी समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ हजारीबाग के पीडब्ल्यूडी (PWD) कार्यालय के समीप स्थित सिद्धो-कान्हू मुर्मू चौक पहुंचे। यहाँ उन्होंने हूल विद्रोह के महानायक और वीर शहीद सिद्धू-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परंपरा और पर्यावरण का अनूठा संगम
इस ऐतिहासिक दिन पर आदिवासी समाज की ओर से एक बेहद अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में शामिल लोग अपने पारंपरिक हथियारों जैसे तीर-धनुष और कुल्हाड़ी के साथ-साथ हाथों में हरे-भरे पौधे (वृक्ष) लेकर पहुंचे थे। इसके जरिए समाज ने देश को एक बड़ा संदेश दिया कि आदिवासी समाज हमेशा से ही पर्यावरण, प्रकृति और मानवता का सच्चा हितैषी रहा है। यह दृश्य प्रकृति और संस्कृति के गहरे और अटूट रिश्ते को साफ तौर पर बयां कर रहा था।
शहीदों के सपनों का भारत बनाना हमारा लक्ष्य: मनीष जायसवाल
मौके पर मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा:
“हमें देश की आज़ादी और जल-जंगल-जमीन की रक्षा में झारखंड के असंख्य वीरों के बलिदान का सदैव आदर करना चाहिए। जिस प्रकार हमारे पूर्वजों और शहीदों ने एक न्यायपूर्ण समाज और देश की कल्पना की थी, हमें उसी दिशा में निरंतर कार्य करते रहना है ताकि उनके सपनों को साकार किया जा सके। यह दिन हमें अपने गौरवशाली इतिहास, अपने नायकों और अपने मूल संस्कारों की याद दिलाता है।”
इस दौरान पूरा परिसर सिद्धो-कान्हू अमर रहे और हूल जोहार के नारों से गुंजायमान रहा। मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित आदिवासी समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


